नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के तहत गुरुवार को जारी मतदान के दौरान दोपहर 1 बजे तक मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला है। शुरुआती घंटों में ही दोनों राज्यों में अच्छी भागीदारी दर्ज की गई, जो चुनावी माहौल की गंभीरता और सक्रियता को दर्शाती है।
दोपहर 1 बजे तक बंगाल में 62.18%, तमिलनाडु में 56.81% मतदान
प्राप्त जानकारी के अनुसार पश्चिम बंगाल में दोपहर 1 बजे तक 62.18 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि तमिलनाडु में इसी समय तक 56.81 प्रतिशत मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके हैं। दोनों राज्यों में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं, जिससे साफ संकेत मिलता है कि लोग बड़ी संख्या में लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा ले रहे हैं।
बंगाल में दो चरणों में मतदान, पहले चरण में 152 सीटों पर वोटिंग
पश्चिम बंगाल में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें से पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान कराया जा रहा है। ये सीटें राज्य के 16 जिलों में फैली हुई हैं। बाकी 142 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होगा। चुनावी दृष्टि से यह चरण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां कई प्रमुख उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर लगी है।
तमिलनाडु में एक ही चरण में सभी 234 सीटों पर मतदान
वहीं तमिलनाडु में विधानसभा की सभी 234 सीटों पर एक ही चरण में मतदान कराया जा रहा है। पूरे राज्य में एक साथ वोटिंग होने के चलते प्रशासनिक तैयारियां भी बड़े पैमाने पर की गई हैं। मतदाताओं में सुबह से ही भारी उत्साह देखा गया, जिससे मतदान प्रतिशत लगातार बढ़ रहा है।
सुबह 7 बजे से शुरू हुआ मतदान, शाम 6 बजे तक जारी रहेगा
दोनों राज्यों में मतदान प्रक्रिया सुबह 7 बजे शुरू हुई, जो शाम 6 बजे तक जारी रहेगी। मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।
बंगाल में केंद्रीय बलों पर टीएमसी उम्मीदवार का आरोप
इस बीच पश्चिम बंगाल के सुजापुर क्षेत्र से एक उम्मीदवार ने केंद्रीय बलों पर मतदान प्रक्रिया में बाधा डालने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अतिरिक्त जांच के कारण मतदान की गति प्रभावित हो रही है, जिससे मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
4 मई को आएंगे नतीजे, दोनों राज्यों की सियासत पर टिकी निगाहें
दोनों राज्यों में मतदान संपन्न होने के बाद सभी सीटों के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। चुनाव परिणामों पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इनका असर क्षेत्रीय और राष्ट्रीय राजनीति दोनों पर पड़ सकता है।
